Mumbai: महिलाओं के सशक्तिकरण, दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण और महिला बचत समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में मुंबई महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। महिला एवं बाल कल्याण समिति के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में समिति अध्यक्ष मीनल संजय तुर्डे के दालन में शिवसेना की महिला पदाधिकारियों और मनपा प्रशासन की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महिलाओं के लिए रोजगार एवं व्यवसाय के अवसर, महिला बचत समूहों को आर्थिक सहायता, दिव्यांग पेंशन योजना और भांडुप में प्रस्तावित महिला भवन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन और समिति अध्यक्ष मीनल तुर्डे के प्रयासों से भांडुप में महिला भवन के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। प्रशासन के अनुसार, महिला भवन के बजट को मंजूरी मिलने के बाद भवन एवं निर्माण विभाग की ओर से निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दिव्यांग पेंशन योजना फिर होगी शुरू
बैठक में वर्ष 2025-26 से बंद धर्मवीर आनंद दिघे दिव्यांग पेंशन योजना को दोबारा शुरू करने के आदेश दिए गए। आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के दिव्यांग व्यक्तियों को पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
महिला बचत समूहों को मिलेगा 25 हजार रुपये तक का फंड
पिछले करीब डेढ़ वर्ष से अनुदान से वंचित महिला बचत समूहों के लिए भी राहत भरा फैसला लिया गया है। महिला बचत समूहों को दिया जाने वाला अधिकतम 25 हजार रुपये का कार्यशील पूंजी अनुदान जल्द फिर से शुरू किया जाएगा। प्रशासनिक मंजूरी के बाद यह राशि बचत समूहों को वितरित की जाएगी।
महिलाओं को व्यवसाय आधारित प्रशिक्षण
महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभागवार व्यवसाय आधारित प्रशिक्षण देने का भी निर्णय लिया गया है। इसके तहत मनपा क्षेत्र की महिलाओं को विभिन्न व्यवसायों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया फिलहाल शुरू कर दी गई है।
बैठक में पूर्व नगरसेविका मीनाताई कांबली, शीतल म्हात्रे और संजना घाडी सहित मनपा के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें उप आयुक्त (शिक्षण) एवं संचालक (नियोजन) डॉ. प्राची जांभेकर, प्रमुख समाज विकास अधिकारी भास्कर जाधव, समाज विकास अधिकारी वेदिका पाटील, वैद्यकीय अधिकारी डॉ. रेवती खांडेकर और विभा जाधव समेत संबंधित अधिकारी शामिल थे।
महिला भवन, दिव्यांग पेंशन योजना, महिला बचत समूहों को कार्यशील पूंजी और व्यवसाय आधारित प्रशिक्षण जैसे फैसलों से महिलाओं तथा दिव्यांग व्यक्तियों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।